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मुख्यमंत्री जनसमर्पण दिवस

(तहसील दिवस डिजिटलीकरण )

सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि

  • राज्य के प्रायः जन साधारण अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जनपद मुख्यालय, मण्डल मुख्यालय और कभी-कभी राज्य मुख्यालय तक जाते हैं, ऐसे में जन समस्याओं के स्थानीय स्तर पर ही निस्तारण किया जाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में से एक है। राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री जन समर्पण दिवस के माध्यम से तहसील एवं जिला स्तरीय दिवसों को डिजिटाईजेशन (Digitization) कर शिकायतों के निवारण सम्बन्धी व्यवस्था शुरू कर अपनी प्राथमिकता को स्पष्ट कर दिया है। सरकार का यह स्पष्ट मत है कि आमजन की अपनी कठिनाईयों और समस्याओं के निवारण हेतु प्रदेश मुख्यालय/मण्डल मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए। यथा संभव आमजन की समस्याओं का निवारण स्थानीय शिकायत निवारण व्यवस्था से हो जानी चाहिए। कभी-कभी जन समस्याओं के निवारण के लिए व्यक्ति को सम्बन्धित अधिकारी से मिल करके समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार उनके कार्यालयों में जाकर अधिकारियों से मिलने की आवश्यकता पड़ती है। आमजन की समस्याओं के निवारण हेतु इस प्रकार की व्यवस्था होनी चाहिए कि जिससे सरकारी अधिकारी/कर्मचारी जनता के पास पहुँचकर उनकी समस्याओं का निवारण मौके पर ही सुनिश्चित करें। आमजन को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रदेश मुख्यालय/मण्डल मुख्यालय तक न जाना पड़े। इस प्रक्रिया को सुलभ बनाने हेतु शासन द्वारा वर्ष 2013 से तहसील दिवसों का आयोजन किया जा रहा है।
  • वर्तमान में तहसीलों में आयोजित होने वाले तहसील दिवस के कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री जन समर्पण कार्यक्रम के साथ डिजिटाईजेशन (Digitization) के माध्यम से सी0एम0 हेल्पलाईन 1905 के साथ एकीकृत (Integrate) किये जाने का निर्णय लेते हुये मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा इस व्यवस्था का शुभारम्भ किया गया है। राज्य की समस्त तहसीलों में प्रत्येक प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को संचालित तहसील दिवस व जिला मुख्यालयों में प्रत्येक सोमवार को आयोजित जन सुनवाई दिवस में प्राप्त जनता की समस्त शिकायतों/प्रकरणों/सन्दर्भों/समस्याओं के अभिलेखीकरण (Documentation) को डिजिटाइज रूप (Digitze form) में संरक्षित किया जायेगा। सम्बन्धित जिलाधिकारियों द्वारा प्रत्येक माह के चतुर्थ सोमवार को अपने-अपने जनपदों की समस्त तहसीलों के तहसील दिवस कार्यक्रम की समीक्षा की जायेगी।
  • जनसामान्य की ऐसी समस्याएं जो तहसील स्तर तथा जनपद स्तर पर निस्तारित नहीं हो पायी हो या निस्तारित नहीं की गयी हो ऐसी समस्याओं के निस्तारण हेतु मा0 मुख्यमंत्री के समक्ष यदि शिकायतकर्ता अपना पक्ष रखना चाहता हो तो इस हेतु प्रत्येक माह की 20 एवं 24 तारीख को मा0 मुख्यमंत्री जी से भेंट हेतु मुख्यमंत्री जन समर्पण कार्यक्रम के द्वारा पंजीकरण कर आवेदन किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री जनसमर्पण दिवस

इस दिन, नागरिकों को मौका मिलता है कि वे सब-जिला अधिकारी (Sub-Divisional Magistrate - SDM) या जिला अधिकारी (District Magistrate - DM) से मिल सकें, विशेषकर तहसील स्तर पर प्रशासनिक मामलों के लिए विशेष दिन (तहसील दिवस) में। इस आयोजन में, लोग सीधे एसडीएम या डीएम से अपनी समस्याओं, शिकायतों और आपत्तियों का समाधान करने का अवसर प्राप्त होता है। यह एक मंच है जहां सरकारी अधिकारी लोगों की सामस्यिकाओं को सुनते हैं और उन्हें उपयुक्त समाधान निकालने का प्रयास करते हैं। इसका उद्देश्य जन-संवाद को मजबूत करना है और सुनिश्चित करना है कि सरकार नागरिकों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति संवेदनशील हो।